Tuesday, 9 February 2021

रिपोर्ट By - @JournalistBuntyYadav || पुराने दिन याद कर भावुक हुए, पीएम मोदी ||


           || पुराने दिन याद कर भावुक हुए, पीएम मोदी ||

फ़ोटो By - ABP News

देखें टॉप 10 न्यूज़

रिपोर्ट By ड्यूक -
पीएम नरेंद्र मोदी और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद के भावुक भरे पल की किस न्यूज़ चैनल ने क्या खबर छापी जाने इस खास पेज पर !

1. एनडीटीवी इंडिया - कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को सच्चा दोस्त बताकर राज्यसभा में भावुक हो गए PM नरेंद्र मोदी

2. ज़ी न्यूज़ - 4 सांसदों की विदाई पर राज्य सभा में भावुक हुए PM Modi, गुलाम नबी आजाद की तारीफ में कही ये बात

3. आजतक - राज्यसभा में गुलाम नबी आजाद की विदाई, आतंकी घटना के बाद फोन कॉल का जिक्र कर भावुक हुए पीएम मोदी

4. बीबीसी हिंदी - ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा, हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर मुझे गर्व, मोदी की तरह हुए भावुक

5. एबीपी न्यूज़ - Photos: जिसका जिक्र कर पीएम मोदी रोए उसे याद कर गुलाम नबी आजाद भी हुए भावुक, क्या थी वो घटना

6. Times Of India - PM Modi breaks down as he bids farewell to 'true friend' Azad, other RS members

7. India Today - PM Modi’s praise of Ghulam Nabi Azad: A bait or fishing in Congress’s troubled waters?

8. जनसत्ता - पीएम के राज्यसभा में भाषण के बाद गुलाम नबी आजाद का पुराना वीडियो वायरल, आतंकी हमले के शिकार लोगों से की थी मुलाकात

9. दैनिक भास्कर - मोदी के मन की बात:गुलाम नबी आजाद की राज्यसभा से विदाई पर मोदी भावुक हुए; रोए, आंसू पोंछे, पानी पिया और सैल्यूट किया

10. पत्रिका - राज्यसभा में गुलामनबी आजाद के नाम पर भावुक हुए PM Modi, सबके सामने किया सैल्यूट

Tuesday, 26 January 2021

Report By - ड्यूक | क्या कहता है, हमारा संविधान

                     (भारतीय संविधान)
नमस्कार मैं बन्टी यादव....  72 वें गणतंत्र दिवस की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएं..... 
आज हम पूरे देश में गणतंत्र दिवस को बडी धूम-धाम से मना रहे हैं..... कहीं नुक्ति, मिठाईयां तो कहीं लड्डु बांट कर इस पर्व को ओर खास बना रहे हैं.... तो चलिए आज हम बात करते हैं.. संविधान की ( कब, क्यों और कैंसे बना ) हमारा भारती संविधान...
26 नवम्बर 1949 से शुरू हुए इस संविधान निर्माण को आज 71 साल पूरे हो गए हैं.... और 72 वां गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व के रूप में हम मना रहे हैं... हिन्दूस्तान की यह परमरा रही है कि राष्ट्रीय पर्व के मौके पर कोई विदेशी मैहमान को मुख्य अतीथि के रूप में बुलाया जाता है.... पर इस बार ऐसा नही हुआ... 1966 के बाद यह पहली बार है.... दरअसल कोरोना काल को देखते हुए ऐसा हुआ है.... 
भारत का जो संविधान है वो भारत का एक सर्वोच्च विधान है.. जबकि गणतंत्र दिवस की अगर हम बात करें तो यह भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है.. जो हर साल 26 जनवरी के रूप में मनाया जाता है.... इसी दिन 1950 को भारत सरकार अधिनियम एक्ट 1935 को हटाकर भारत का संविधान लागू किया था.... एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश में कानून का राज्य स्थापित करने के लिए 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा ने इसे अपनाकर 26 जनवरी 1950 को एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के माध्यम से इसे लागू किया था.. वहीं अगर हम बात करें इस दिन की तो 26 जनवरी का यह दिन इस लिए भी खास है क्योंकि इसी दिन 1935 में कांग्रेस पार्टी ने भारत को एक पूर्ण स्वराज घोषित किया था....
दरअसल औपचारिक रूप से एक संविधान सभा ने हमारे भारतीय संविधान को बनाया था जिसे.. अविभाजित भारत में निर्वाचित किया था.. इसकी जो पहली बैठक थी वो 9 दिसंबर 1946 को हूई थी... और फिर पुनः इसकी दुसरी बैठक हुई जो कि 14 अगस्त 1947 को विभाजित भारत के रूप में हुई... साथ ही इसका सदस्य बनने के लिए 1935 में स्थापित प्रांतीय विधान सभा की बैठक हूई जिसके सदस्यों ने अप्रत्यक्ष विधि के माध्यम से संविधान सभा के सदस्यों का चुनाव कराया... इस बैठक का उद्देश्य यह था कि.... 
1. प्रत्येक प्रांत देशी रियासत या रियासतों के समूह को उनकी जनसंख्या के आधार पर सीटें दी गईं.... इस दौरान मौटे तौर पर दस लाख की जनसंख्या पर एक सीट का अनूपात रखा गया था... परिणामस्वरूप ब्रिटिश सरकार के प्रत्यक्ष शासन वाले प्रांतों को 292 सदस्य चुनने थे.... जिसमें से देशी रियासतों को 93 सीटें आवंटित की गईं थी....
2. प्रत्येक प्रांत की सीटों को तीन समुदायों 1. मुसलमान 2. सिख 3. और सामान्य को उनकी जनसंख्या के आधार पर बांटा गया था....
3. प्रांतीय विधान सभाओं में प्रत्येक समुदाय के सदस्यों ने अपने प्रतिनिधियों को चुना.... और इसके लिए उन्होने समानुपातिक प्रतिनिधित्व और एकल संक्रमण पद्धति का उपयोग किया था....
4. देशी रियासतों के प्रतिनिधियों के चुनाव का तरीका उनके परामर्श से तय किया गया था.....
संविधान सभा के अध्यक्ष डॉ. राजेन्द्र प्रसाद को भारतीय संविधान
सुपुर्द करते हुए डॉ. भीमराव आंबेडकर तश्वीर 26 नवम्बर 1949 की

           भारत विभाजन के बाद का संविधान
तो चलिए हम आपको भारत विभाजन के बाद का संविधान बताते हैं.... दरअसल 3 जून 1947 की योजना के अनुसार देश के विभाजन के बाद वे सभी प्रतिनिधि संविधान सभा के सदस्य नही रहे जो अविभाजित पाकिस्तान के क्षेत्रों से चुनकर आये हुए थे.... जिसके बाद संविधान सभा के वास्तविक सदस्यों की संख्या जो थी वो घटकर 299 रह गई.... इस दौरान जब अंतिम रूप से पारित संविधान पर हस्ताक्षर किए जा रहे थे... तब 26 नवंबर 1949 को कुल 284 सदस्यों ने ही संविधान पर हस्ताक्षर किए..... इस प्रकार विभाजन से उपजी विभीषिका और हिंसा के बीच संविधान का निर्माण हुआ..... भारत के संविधान ने नागरिक्ता की एक नई अवधारणा प्रस्तुत की है... जिसमें अल्पसंख्यक न केवल सुरक्षित हुए बल्कि धार्मिक पहचान का नागरिक अधिकार भी उनको मिला.... इसके अलावा संविधान सभा में उस समय के अनुसूचित वर्गों के 26 सदस्यों को भी शामिल किया गया था.. जहां तक राजनीतिक दलों की बात है.... विभाजन के बाद संविधान सभा में कांग्रेस पार्टी का पर्चश्व था... और उस समय उसे 82 सीटें मिली थीं.... संविधान सभा की सामान्य कार्यविधि में भी सार्वजनिक विवेक का महत्व स्पष्ट दिखाई देता था.... इसी तरह विभिन्न मुध्दों के लिए संविधान सभा की आठ मुख्य कमैटियां बनी हुई थीं... जिसमें आम तौर पर ( पंडित जवाहरलाल नेहरू, राजेंद्र प्रसाद, सरदार बल्लभ भाई पटेल, मौलाना अबुल कलाम आजाद, और डाक्टर भीमराव आम्डेकर ) इन कमैटियों की अध्यक्षता करते थे.. ये सब कई मुध्दों पर एक-दूसरे से असहमत होने के बाद भी साथ मिलकर काम काम करते थे....
भारतीय संविधान सभा के वो चार मूल तत्व जो संविधान की आत्मा हैं.....

1. संविधान की शक्ति का स्त्रोत देश की जनता है
2. भारत की प्रक्रति प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य है
3. संविधान का उध्देश्य- न्याय, स्वतंत्रता, समता बंधुत्व
4. भारतीय संविधान को 26 नवंबर, 1949 में भारतीय जनता ने अपनाया 
                     कहता है, हमारा संविधान

भारत ब्रिटेन के अधिकारों में आने वाले भारतीय क्षेत्रों, देशी रियासतों और देशी रियासतों के बहार के ऐसे क्षेत्र जो हमारे संघ का अंग बनना चाहते हैं.... का एक संघ होगा....
संघ की इकाईयां स्वायत्त होंगी.... और उन सभी शक्तियों का प्रयोग और कार्यों का संपादन करेगा..... जो संघीय सरकार को नही दी गई हैं....
संप्रभु और स्वतंत्र भारत तथा इसके संविधान की समस्त शक्तियों और सत्ता का स्त्रोत जनता है.... 
भारत के सभी लोगों को सामाजिक, आर्थिक, और राजनीतिक न्याय कानून के समक्ष समानता, प्रतिष्ठा और अवसर की समानता तथा कानून और सार्वजनिक नैतिक्तओं की सीमाओं में रहते हुए.... भाषण, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म, उपासना, व्यवसाय, संगठन और कार्य करने की मौलिक स्वतंत्रता की गारंटी और सुरक्षा दी जायेगी....
अल्पसंख्यकों, पिछडे व जनजातीय क्षेत्र, दलित व अन्य पिछडे वर्गों को समुचित सुरक्षा दी जायेगी...
गणराज्य की क्षैत्रीय अखंडता तथा थल, जल, और आकाश में इसके संप्रभु अधिकारों की रक्षा सभ्य राष्ट्रों के कानून और न्याय के अनुसार की जायेगी...
विश्व शांती और मानव कल्याण के विकास के लिए देश स्वेच्छा पूर्वक और पूर्ण योगदान करेगा.....
हमारा संविधान 2 बर्ष 11 माह और 18 दिन में बनकर तैयार हुआ था... यह भारत का सौभाग्य ही था जो हमारी संविधान सभा ने संकुचित द्रष्टिकोण छोडकर संपूर्ण विश्व से सर्वोत्तम चीचों को ग्रहण किया है... ऐसे ही कुछ देश जहां से हमारे संविधान के लिए प्रवधान लिए गये हैं.....
ब्रिटेन -
 सर्वाधिक मत के आधार पर चुनाव में जीत का फैसला
 सरकार का संसदीय स्वरूप 
 कानून के शासन का विचार 
 विधायिका में अध्यक्ष का पद और उनकी भूमिका 
 कानून निर्माण की विधि
 
संयुक्त राज्य अमेरिका - 
 मौलिक अधिकारों की सूची
 न्यायिक पुनरावलोकन की शक्ति और न्याय पालिका की स्वतंत्रता
आयरलैण्ड - 
 राज्य के नीति निर्देशक तत्व
 राज्य सभा के सदस्यों का नामाकंन
फ्रांस –
 स्वतत्रता, समानता, और बंधुत्व का सिद्धांत
कनाडा – 
 एक अर्द्ध संघात्मक सरकार का स्वरूप जिसे (सशक्त कैंद्रीय सरकार वाली संघात्मक व्यवस्था) भी कहते हैं.....
 अपशिष्ट शक्तियों का सिद्घांत 
जर्मनी -
 आपातकाल का सिद्धांत 
दक्षिण अफ्रीका –
 संविधान संशोधन कि प्रक्रिया
रूस - 
 मूल कर्तव्य
आस्ट्रेलिया - 
 समवर्ती सूची

Sunday, 24 January 2021

रिपोर्ट बाई ड्यूक || भोपाल में यादव एजुकेशन सोसायटी ने लिए नए निर्णय

       यादव एजुकेशन सोसायटी के कार्यकर्ता एक फ्रेम में..

भोपाल | बन्टी यादव
राजधानी भोपाल में आज यादव एजुकेशन सोसायटी ने रचना नगर में बैठक की जिसमें यादव समाज के कई लोगों ने हिस्सा लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। वहीं इस दौरान समाज के बरिष्ठ जनों ने समाज में पनप रहीं कुरीतियों की और भी ध्यान देने के बात कही। दरअसल यादव एजुकेशन सोसायटी शिक्षा के क्षेत्र में यादव समाज को आगे लाने का काम कर रही है। इस सोसायटी के द्वारा गांव, कस्बों और शहरों से आये होनहार छात्र-छात्राओं को फ्री रहने खाने के लिए छत्रावास उपलब्ध कराना है। वहीं इस सोसायटी को सफल बनाने के लिए समाज के लोग बढ़-चढ़कर अपना सहयोग दे रहे हैं। इस दौरान बैठक की अध्यक्षता कर है। NS यादव ने कहा की यह सोसाइटी सिर्फ मध्यप्रदेश तक ही सीमित नही है, इसमें जो लोग बाहर के हैं वो भी जुड़ रहे हैं और यादव समाज के भविष्य को एक नई दिशा और ऊर्जा देने का काम कर रहे हैं। हम ऐसे सज्जनों का हार्दिक स्वागत करते हैं। हम सब मिलकर इस काम को ओर तेजी से करने पर विचार विमर्श कर रहे हैं साथ ही बहुत जल्द समाज का छत्रावास बनकर तैयार भी हो जाएगा।  
 
 

Wednesday, 25 November 2020

REPORT BY- #DUKE || देश में बढ़ते कोरोना को देखते हुए गृह मंत्रालय ने जारी की 1 दिसंबर से लागू होने वाली कोरोना की नई गाइडलाइंस

दिल्ली: 
देश में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने एक दिसंबर से लागू होने वाली अनलॉक प्रक्रिया के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। दिशानिर्देशों का मुख्य फोकस COVID-19 के प्रसार के खिलाफ हासिल किए गए पर्याप्त लाभ को बढ़ाना है। इसके अलावा कुछ राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में बढ़ते नए मामलों को ध्यान में रखते हुए त्यौहारों के मौसम और सर्दियों की शुरुआत में यह जोर दिया गया है कि महामारी को पूरी तरह से दूर करने के लिए सावधानी बनाए रखने और निर्धारित रणनीति का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है।



Saturday, 21 November 2020

REPORT BY- #DUKE ||

मध्यप्रदेश शासन के सख़्त आदेश के बाद पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी मास्क न पहन ने पर चालान काट रहे हैं।
भोपाल -
बन्टी यादव/ड्यूकन्यूज़

Sunday, 9 August 2020

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राथमिक सहकारी समिति लटेरी के कृषक सदस्य से कहा, आप मेरा एक काम करेंगे.. #ड्यूकन्यूज़ #ड्यूक

भोपाल -
बन्टी यादव/ड्यूकन्यूज़
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राथमिक सहकारी समिति विदिशा जिले की  लटेरी के कृषक सदस्य एवं प्रबंधक को उत्कृष्ट कार्य करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी। इस दौरान प्रधान मंत्री ने मुकेश पटेल से कहा " मुकेश जी 'मैं' समझता हूँ' आप जो कदम उठा रहे हैं आप बधाई के पात्र हैं, इसके आगे उन्होंने कहा, देखिए मेरा एक काम करेंगे आप, सरकार किसानों का ब्याज भी कम कर रही हैं, बहुत बड़ी मात्रा में धन भी दे रही है और आप जैसे पड़े लिखे किसान जब इसका नेतृत्व करते हैं तो कितना बड़ा बदलाव आता है, लेकिन क्या आप किसानों को समझायेंगे की हमे हमारी धरती माता को भी बचाना है जिस प्रकार से हम आंख बंद कर के अनाप-शनाप यूरिया का उपयोग करते हैं, पूरी धरती माता हमारी तबाह हो रही है। तो हमारे किसान कम से कम आपके जो ग्यारह सौ, बारह सौ किसान हैं वो ये तय कर सकते हैं की अभी अगर वो पांच थैली यूरिया लेते हैं आगे से वो काम से कम तीन थैली में ही काम चला लेंगे।
दरअसल पीएम मोदी आज किसानों से लाइव टेलीकास्ट के माध्यम से ऑनलाइन बात कर रहे थे, इस दौरान सहकारी समिति लटेरी विदिशा के कृषक सदस्य एवं प्रबंधक ने प्रधानमंत्री मोदी से हुई बात-चीत के दौरान कहा कि लटेरी तहसील स्तर पर पांच हज़ार मीट्रिक टन का गौदाम और ग्रेडिंग प्लांट सूचना केंद्र और ई-मंडी बनाने का सोच रहे हैं जिससे की इस क्षेत्र के किसान अपनी फसल को तुरंत न बेंचकर उनकी आवयकता अनुसार बाजार में बैंच सकते हैं। जिसके बाद पीएम मोदी ने मुकेश पटेल को बधाई देते हुए कहा आप बधाई के पात्र हैं। बता दें इस बीच नाबार्ड भोपाल के क्षेत्रीय कार्यालय में कृषि मंत्री कमल पटेल भी मौजूद थे।


 

Thursday, 21 May 2020

BY- #DUKE || लक्ष्य भले ही पूरा हो गया हो फिर भी किसानों का पूरा गेहूं खरीदा जायेगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

◆ इस साल मध्यप्रदेश में लक्ष्य से ज्यादा हुआ गेहूँ उपार्जन

◆ इस वर्ष 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन के निर्धारित लक्ष्य के स्थान पर अभी तक 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
◆ किसान धैर्य रखें उनका पूरा गेहूं सरकार खरीदेगी : सीएम शिवराज

BY- #DUKE || लक्ष्य भले ही पूरा हो गया हो फिर भी किसानों का पूरा गेहूं खरीदा जायेगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 
भोपाल :
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर लक्ष्य से ज्यादा गेहूं उपार्जन हो चुका है। इस वर्ष 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन के निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध अभी तक 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लक्ष्य भले ही पूरा हो गया हो परन्तु किसानों का पूरा गेहूं खरीदा जायेगा। किसानों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आगे खरीदी की सभी व्यस्थाएं की जा रही हैं। किसान धैर्य रखें उनका पूरा गेहूं सरकार खरीदेगी।
साथ ही उन्होंने कहा 
अभी तक समर्थन मूल्य पर लगभग 13 लाख किसानों से ये गेहूं खरीदा गया है। खरीदे गये गेहूं का सुरक्षित भंडारण भी किया गया है। गेहूं खरीदी के विरूद्ध 10 लाख 32 हजार किसानों के खातों में 11 हजार 860 करोड़ रूपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। कोरोना संकट के होते हुए भी मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए जो व्यवस्था की गई थी उसी का सुफल है कि लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदी की गई है। जितने किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन कराया है उनके गेहूं खरीदने की व्यवस्था की जायेगी। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज देश के प्रमुख राज्य के रूप में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। 

गेहूं उपार्जन के साथ त्वरित गति से भंडारण पर भी विशेष ध्‍यान दिया गया है कि ताकि बरसात के पूर्व पूरे गेहूं का सुरक्षित भंडारण हो सके। गेहूं का उपार्जन जब कोरोना के कारण देर से प्रारंभ हुआ था तब ऐसी आशंका व्यक्त की गई थी की शायद उपार्जन का लक्ष्य ही पूरा न हो सके लेकिन मध्यप्रदेश सरकार की व्यवस्‍थाओं ने इन आशंकाओं निर्मूल साबित करते हुए लक्ष्य से अधिक गेहूं उपार्जन का रिकार्ड बनाया है।

Saturday, 16 May 2020

REPORT BY- #DUKE || 10वीं की बचीं परीक्षाएं नही लेगा एमपी बोर्ड, 12वीं की परीक्षाएं 8 जून से 16 जून 2020 के बीच होंगी।

REPORT BY- #DUKE जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा- देश की कानून व्यवस्था अमीर और ताकतवर लोगों के पक्ष में हो गई है। #DUKENEWS
एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एमपी बोर्ड परीक्षाओं के बारे में बताते हुए

REPORT BY- #DUKE || 10वीं की बचीं परीक्षाएं नही लेगा एमपी बोर्ड, 12वीं की परीक्षाएं 8 जून से 16 जून 2020 के बीच होंगी।
1. मैरिट लिस्ट के आधार पर तैयार होगा 10वीं का रिजल्ट
2. ट्यूशन फीस के अलावा किसी प्रकार की फीस नही लेंगे विद्यालय

एमपी/भोपाल:
                 माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश ने 10वीं और 12वीं की बचीं परीक्षाओं लेकर बड़ा बदलाव किया है। इस साल कोरोना महामारी के 25 अप्रैल से लॉकडाउन चल रहा है इस कारण हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल के बच्चों की बची परीक्षाएं नही हो पाईं हैं। परीक्षाओं को लेकर शनिवार रात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बड़ा एलान किया है। सीएम ने कहा है, 10वीं की जो शेष परीक्षाएं बचीं हैं वो साल माध्यमिक शिक्षा मंडल उन परीक्षाओं को नही कराएगा। कक्षा 10 के जो पेपर हो गए हैं उनके आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार कर उन विषयों के आगे पास लिखा जाएगा। इस आधार पर 10वीं का रिजल्ट तैयार होगा।
साथ ही 12वीं कक्षा के जो पेपर बचे हैं उनकी परीक्षाएं 8 जून से 16 जून के बीच कराई जाएंगी।
           ||विद्यालय केबल ट्यूशन फीस ले सकेंगे|| 
इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा- 15 अप्रैल से लॉकडाउन शुरू हुआ है, जब तक चलेगा तब तक के बीच में सभी विद्यालय केबल ट्यूशन फीस ले सकेंगे, इसके अलावा कोई विद्यालय विद्यार्थियों से किसी प्रकार की फीस नही लेंगे, चाहे वो बस किराया हो, लाइब्रेरी फीस हो या फिर अन्य किसी प्रकार की कोई फीस स्कूल नही लेंगे। 

Thursday, 7 May 2020

REPORT BY- #DUKE जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा- देश की कानून व्यवस्था अमीर और ताकतवर लोगों के पक्ष में हो गई है।

REPORT BY- #DUKE जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा- देश की कानून व्यवस्था अमीर और ताकतवर लोगों के पक्ष में हो गई है। #DUKENEWS
                   image tweeted by @ANI
जस्टिस दीपक गुप्ता त्रिपुरा हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस बने थे। 2017 में सुप्रीम कोर्ट के जज भी रह चुके हैं।

1. देश के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी जज को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये फेयरवेल दिया गया।

DUKE NEWS
REPORT BY- #DUKE
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस दीपक गुप्ता आज यानी कि बुधवार को रिटायर हो गए हैं। रिटायर होने से पहले उन्हें विडियो कॉफ्रेसिंग के जरिये फेयरवेल दिया गया ये देश के इतिहास में पहली बार हुआ जब किसी जज को ओस तरह फेयरवेल दिया गया है।
जस्टिस गुप्ता ने अपने संबोधन के दौरान न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए। इस बीच उन्होने कहा की देश का लीगल सिस्टम अमीरों और ताकतवर लोगों के पक्ष में हो गया है। जज ऑस्ट्रिच की तरह अपना सिर नही झुका सकते, उन्हें ज्यूडिशियरी की दिक्कतें समझकर इनसे निपटना चाहिए।

साथ ही उन्होंने कहा " कोई अमीर व्यक्ति सलाखों के पीछे होता है तो कानून अपना काम तेजी से करता है अमीर जमानत पर होता है तो मुकदमे में देरी चाहता है। लेकिन गरीबों के मुकदमों में देरी होती है।
अमीर लोग तो जल्द सुनवाई के लिए उच्च अदालतों की शरण में जा पहुंचते हैं लेकिन, गरीब ऐसा नही कर पाते।
दूसरी ओर कोई अमीर जमानत पर है तो वह जमानत पर है तो वह मुकदमे में देरी करवाने के लिए भी वह उच्च अदालतों में जाने का खर्चा उठा सकता है लेकिन, गरीब नही उठा सकता है।

न्यायपालिकायों को खुद ही अपना ईमान बचाना चाहिए।

इसके बाद दीपक गुप्ता ने कहा कि "न्यायपालिकायों को खुद ही अपना ईमान बचाना चाहिए। देश के लोगों को ज्यूडिशियरी में बहुत भरोसा है। मैं देखता हूँ की, वकील कानून की बजाय राजनीति और सिचारधारा के आधार पर बहस करते हैं। ऐसा नही होना चाहिए।ख़ासकर ऐंसे संकट के उसमें मेरे और आपके संवैधानिक अधिकारों का उलंघन नही होगा। लेकिन, गरीबों के साथ ऐसा हमेशा होता रहता है। उन लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती इस लिए उन्हें नतीजा भुगताना पड़ता है।
अगर उनकी आवाज कोई उठाता है तो अदालतों को जरूर सुनना चाहिए। उनके लिए जो किया जा सके करना चाहिए।"

जस्टिस दीपक गुप्ता त्रिपुरा हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस बने थे

त्रिपुरा हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस होने से पहले दीपक गुप्ता हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जज भी रह चुके हैं और त्रिपुरा हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस भी। इसके साथ ही 2017 में हाईकोर्ट के जज बने थे। 

Tuesday, 5 May 2020

ABP News का बड़ा खुलासा, Haryana के Sonipat में सामने आया शराब घोटाला

नर्मदा बाढ़ प्रभावित लोग, चौथे दिन भी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। @buntyya50250819

 ABP News ने हरियाणा में एक शराब घोटाले का पर्दाफाश किया है. सोनीपत में कई करोड़ की शराब lockdown के दौरान गोदाम से गायब हो गयी है. आपको याद होगा कि इससे पहले हरियाणा में ही lockdown के दौरान शराब बेचने का मामला सामने आया था जिसे फिर बाद में बंद करवाया गया था.Check out ABP News (@ABPNews): https://twitter.com/ABPNews?s=09

लॉकडाउन फेज-3 / दिल्ली में आज से शराब पर 70% अतिरिक्त टैक्स वसूला जाएगा, केजरीवाल सरकार ने इसे स्पेशल कोरोना फीस बताया


तस्वीर दिल्ली की है। सोमवार को यहां शराब खरीदने के लिए भीड़ उमड़ी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी 

  • लॉकडाउन के तीसरे फेज में शर्तों के साथ देशभर में शराब बिक्री की छूट दी गई है
  • शराब दुकानों पर लॉकडाउन की उड़ी धज्जियां, दो किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी

दैनिक भास्कर

  • May 05, 2020, 01:41 AM IST

    नई दिल्ली. दिल्ली में सोमवार से शराब दुकानें खुलीं तो हजारों की संख्या में लोगों की कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रही भीड़ को तितर-बितर किया। अब कोरोना संकट के बीच केजरीवाल सरकार मंगलवार से शराब पर 70% अतिरिक्त टैक्स वसूलेगी। इसके आदेश देर रात जारी किए गए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस टैक्स को स्पेशल कोरोना फीस नाम दिया है। आदेश में कहा गया है कि पुलिस सुबह 9 बजे से शाम 6.30 बजे तक दुकानें खुलवाए।

    लॉकडाउन के तीसरे फेज में ऑरेंज और ग्रीन जोन में शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दी गई, लेकिन इन दुकानों पर लॉकडाउन की धज्जियां उड़ीं। लोग सोमवार सुबह 5 बजे से ही लाइनों में लग गए। कई दुकानों के बाहर दो किलोमीटर लंबी लाइनें लग गईं। शराब के लिए लोग सोशल डिस्टेंसिंग को भूल गए। कर्नाटक में तो दुकानें खुलने से पहले नारियल-अगरबत्ती चढ़ाकर पूजा करते नजर आए। दिल्ली के अलावा आंध्रप्रदेश के चित्तूर में पुलिस को सख्ती करनी पड़ी।


Wednesday, 29 April 2020

#DUKE #BREAKING_NEWS बॉलीबुड अभिनेता ऋषि कपूर का मुम्बई के अस्पताल में निधन हुआ #DUKENEWS

#BREAKING_NEWS
बॉलीबुड अभिनेता ऋषि कपूर का मुम्बई अस्पताल में निधन हुआ
              Pic Credit By Social Media 
मुम्बई:
बॉलीबुड से एक के बाद एक दुःखत खबरें सामने आ रहीं हैं।
बीते दिन ही बॉलीवुड अभिनेता इरफान खान का मुम्बई के लीलाबेन अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हुआ था। 
आज फिर बॉलीवुड से एक ओर ऋषि कपूर के फ़ॉलोअर्स के लिए खबर सामने आई है। कैंसर की बीमारी से पीड़ित बॉलीवुड एक्टर ऋषि कपूर का निधन मुम्बई के हॉस्पिटल में हुआ।

सुपुर्द-ए-ख़ाक हुए इरफान खान, दोनो बेटों बाबिल और अयान सहित बॉलीवुड के ये कलाकार भी रहे मौजूद

सुपुर्द-ए-ख़ाक हुए इरफान खान, दोनो बेटों बाबिल और अयान सहित बॉलीवुड के ये कलाकार भी रहे मौजूद #DUKENEWS
              इरफान खान - फ़ोटो : सोशल मीडिया
मुम्बई: 
बॉलीवुड इंडस्ट्री के जानेमाने कलाकार इरफान खान का निधन जो गया। मुम्बई के कोकिलाबेन अस्पताल में इरफ़ान ने अपने जीवन की अंतिम सांस ली।
मुंबई के वर्सोवा इस्थित कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्द-ए-ख़ाक कर दिया गया।
लॉकडाउन के कारण लोगों का इकट्ठा होना माना है ऐंसे में अंतिम यात्रा के दौरान इरफान खान के परिवार के सअदस्य ही मौजूद रहे।
चार दिन पहले ही उनकी माँ का जयपुर में 95 साल की उम्र में निधन हो गया था लॉकडाउन के बजह से इरफान खान अंतिम दर्शन वीडियो कॉलिंग के जरिये ही कर पाए थे।
कपिल शर्मा और मीका सिंह मौजूद रहे। वहीं मीडिया रिपोर्ट की माने तो उनके परिवार से दोनों बेटे बाबिल और अयान सहित पांच लोग ही कब्रिस्तान में जा सके।
वहीं बॉलीबुड से निर्देशक विशाल भारद्वाज, कॉमेडियन कपिल शर्मा, गायक मीका सिंह, तिग्मांशु धूलिया भी इरफान की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। 
इरफान खान मुम्बई में जिस बिल्डिंग में रहते थे उसी बिल्डिंग में कपिल शर्मा और मीका सिंह भी रहते हैं। 
तिग्मांशु और विशाल इरफान खान के अच्छे दोस्त हैं।
लॉकडाउन का उल्लंघन ना हो इस लिए प्रशासन ने उनके मकान के अलावा कब्रिस्तान को भी अपनी सुरक्षा के घेरे में ले लिया है। 
बता दें इरफान खान के सोशल मीडिया पर लाखों की तादाद में फॉलोअर्स हैं।
              इरफान खान - फ़ोटो : @irrfan

ट्वीटर पर उनके 2.2 मिलियन फ़ॉलोअर्स हैं। उनका अंतिम ट्वीट 12 अप्रैल का है जिसमें उन्होंने अपनी फ़िल्म "इंग्लिश मीडियम" का फोटो अपलोड किया है। सोशल मीडिया पर इरफान खान के एक फैन ने उनका फ़ोटो शेयर कर लिखा " ये साल 2020 कब खत्म होगा इसने इतना दुख दिया है की मैं बयां नही कर सकता"


Tuesday, 28 April 2020

मजदूरों का कहना है कि लॉकडाउन में हमें अपने घर जाने के लिए ऐसी व्यवस्था शासन करेगी कभी सपने में नही सोचा था।

कोरोना वायरस से बचने के लिए विदिशा जिले की ग्राम पंचायत तिलोनी में सरपंच प्रतिनिधि द्वारा मास्क पहनाकर लोगों को जागरूक किया। #COVID19INDIA #DUKENEWS
कोरोना देश में लाइव/ मजदूरों का कहना है कि लॉकडाउन में हमें अपने घर जाने के लिए ऐसी व्यवस्था शासन करेगी, कभी सपने में नही सोचा था

विदिशा:
     घर जा रहे मज़दूरों को मास्क देता हुआ अधिकारी

1. उक्त बस राजस्थान राज्य की सीमा वार्डर पर पहुंचकर इन मजदूरो को बस से उतारेगी
2. सभी मजदूर वर्तमान में मानौरा में स्थित भगवानी जगदीश स्वामी जी के मंदिर के मुख्य द्वार पर नक्काशी का कार्य कर रहे थे
बस को बकायदा पूरा सेनेटाइजेशन कर उसमें राजस्थान के सवाई माधौपुर जाने वाले मजदूरो को बैठने से पहले सभी को मास्क पहनवाए गए, खाने के पैकेट प्रदाय करते हुए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराई गई है। हाथो की सफाई हेतु सेनेटाइजर की बॉटल बस के अन्दर रखवाई गई है यह सब अपनी आंखो के सामने होता देखकर सवाई माधौपुर के मजदूरो का कहना है कि लॉकडाउन में हमें अपने घर जाने के लिए ऐसी व्यवस्था शासन करेंगी कभी सपने में नही सोचा था। दोनो हाथ जोड़कर राज्य सरकार के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित करने में पीछे नही रहें। 
ज्ञातव्य हो कि राजस्थान के सवाई माधौपुर जिले के नौ श्रमिक जो पाषाण और लोहे पर कलाकृति उकरने में मास्टर है इनके हुनर को देखते हुए विदिशा जिले के अनेक मंदिरो के दरवाजो पर नक्काशी का काम इनके द्वारा पूरा किया गया है ये सभी मजदूर वर्तमान में मानौरा में स्थित भगवानी जगदीश स्वामी जी के मंदिर के मुख्य द्वार पर नक्काशी का कार्य कर रहे थे जो पूरा हो जाने के बाद अब फ्री थे और ऐसे समय अब घर की चिंताएं सता रही थी।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए, लोगों को दूर-डोर बैठाया

राज्य सरकार के निर्णय अनुसार विदिशा जिले में अन्य राज्यों के श्रमिक जो लॉकडाउन अवधि में रह गए है और वे अपने-अपने घर जाना चाहते है के लिए वाहनो, खाना, स्वास्थ्य परीक्षण इत्यादि बुनियादी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित कराई गई है। 
विदिशा के विवेकानंद चौराहे पर रवाना होने  वाली बसो में सवार होने वाले श्रमिको से नगरपालिका अध्यक्ष श्री मुकेश टण्डन ने भी सौजन्य भेंट कर उन्हें स्वल्पाहार व मास्क अपने हाथो से प्रदाय किए। इससे पहले उनके निर्देशो पर नगरपालिका के अमले द्वारा दोनो बसों का सेनेटाइजेशन किया गया। तदोपरांत सभी नौ श्रमिकों को बस में एक सीट छोड़कर बैठने के प्रबंध सुनिश्चित किए गए है। ज्ञातव्य हो कि उक्त बस राजस्थान राज्य की सीमा वार्डर पर पहुंचकर इन मजदूरो को बस से उतारेगी तथा विदिशा जिले आने वाली मजदूरो को बस में बिठाकर विदिशा लाएंगी।

Saturday, 18 April 2020

इक्कीसवीं सदी के इस भारत में आज भी गांव के लोग... #COVID19INDIA ARTICLE BY- DUKE

इक्कीसवीं सदी के इस भारत में आज भी गांव के लोग... #COVID19INDIA

ARTICLE BY- DUKE
18 April 2020

मध्यप्रदेश/विदिशा

इक्कीसवीं सदी के भारत में आज भी गांव के लोग... 

#COVID19INDIAजैसा कि हम सुनते आए हैं हमारे बड़े, बूढ़ों से और आज हमने कोरोना वायरस बीमारी के दौरान जो सुना वी देख भी लिया, और इस कोरोना जैसी महामारी पहले भी आ चुकी है, लोग कहते हैं हैं ज़्यादा बर्ष अभी बीती नही बीते 60 साल के आसपास इसी तरह की घटना मानव जगत में हुई थी और यह रिकॉर्ड भी बताता है ,जैसे किताबें, न्यूज़ पेपर्स, एजेंसी, वेबसाइट आदि वो भी 1918 के आसपास में हुई कोरोना जैसी घटना बताते हैं और उस दौरान लोगों को सिर्फ उल्टी और दस्त होते थे उसमे कोई उम्र मायने नही रखती थी उसमें बच्चे, जवान, बुज़ुर्ग सभी आ जाते थे। इस महामारी के समय लोगों में शिक्षा आभाव कम था जिसके बजह से लोगों का ईश्वर के प्रति ज़्यादा आस्था थी। और लोग आयुर्वेदिक दवाओं का स्तेमाल ज़्यादा करते थे। जिससे वो अपने आप को सुरक्षित भी रख पाते थे, मध्यप्रदेश के विदिशा जिले के कौलावे निवासी मोहन यादव (गुड्डा) बताते हैं, आज के दौर में कोरोना बीमारी फैली हैंएर हमने जो देखा उसका नाम तो पता नही है, हमारे पिताजी, दादा, कक्का, बात करते थे और वो म्हरई (महामारी) नाम की बीमारी का कहा करते थे उस समय (#एक_उल्टी_एक_दस्त) आते थे उसमें ही लोगों की जान चली जाती थी, लोगों के पास पर्याप्त सुविधा ना होने के कारण वो कुओं, बावड़ियों में उन लाशों को दफनाते थे। ऐसी ही घटना मध्यप्रदेश के विदिशा जिले की ग्राम पंचायत तिलोनी गड़ी मंदिर के पुजारी पहलवान सिंह यादव बताते हैं, वो कहते हैं " हां महामारी के कंकाल तो हमने भी देख लिए हैं, इस मंदिर (ठाकुर बाबा गड़ी) को बनाने के लिए हमने जब इस नींव को खुदवाया था तब इस नींव में मानव शरीर का एक घुटने से पंजे तक का कंकाल मिला जिसके बाद हम असमंजस की स्तिथि में फस गए , अब हमें समझ नही आ रहा था आखिर ये सब क्या और कैसे हुआ होगा। हालांकि हमने देवताओं से इस बारे में पूछा तो उन्होंने नींव को बंद कर दूसरे स्थान पर मंदिर बनाने को कहा जिसके बाद आज वो मंदिर देख पा रहे हैं।

इस बीच मैंने ओर जानने की कोशिश की आज इक्कीसवीं सदी के भारत में आज भी कई गांव-दिहात ऐसे मिले जहां आज भी लोग पुरानी परंपरा पर ज़्यादा विश्वास रखतर हैं शायद वो इससे अपने आप को सुरक्षित भी रख पाते हैं,  और ये सब हमने इस भारत में हुए 21 दिन के लॉक डाउन और फिर 2.0 के लॉक डाउन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से (दिया ताली,थाली,शंक,) बजाने की अपील की इस दौरान विपक्ष सहित कई लोगों ने मज़ाक वाले मीमस, जोक्स के साथ-साथ कई गंभीर आरोप भी लगाए।
विपक्ष ने कहा लोग कोरोना से कम भूख से ज़्यादा मर जायेंगे, प्रधानमंत्री ताली, थाली, दिए से काम चलने वाला नही है। लोग बेरोजगारी के मारे सड़को पर आ गए हैं बिना कोई प्लान के लॉक डाउन के कारण लोग जहां थे वहीं रह गए हैं। आज लाखों के संख्या में दिहाड़ी मज़दूर मुम्बई, दिल्ली, नोएडा छोड़ भूख प्यास के मारे यहां से घर जाने को कह रहे हैं और ऐसे में हज़ारों किलोमीटर पैदल चल रहे हैं। उन्हें घर जाने की व्यवस्था भी आपकी सरकार कर नही पा रही है।
इधर मोदी सरकार के प्रवक्ताओं का कहना है, ऐंसे संकट के समय जब हमें इस कोरोना जैसी महामारी को हराना है, तब भी इन्हें राजनीति दिखाई दे रही है।
खेर ये तो रही राजनीति है। आखिर अब भी लोग देवताओं के दरवार में पंडितों को खिलाकर, पूजा, पाठ, उपवास कर इस महामारी को भगाने के प्रयास में लगे हैं।

कहते हैं ना "मानो तो भगवान हैं, न मानो तो पत्थर हैं।"
जो मैंने कभी सुना था ऐसा लोग करते थे वो आज आखों देखे देखने को मिल रहा है। गांव के लोग इस डॉक डाउन के दौरान भी पब्लिक प्लेस में भी भीड़ इकट्ठा कर रहे हैं। हवन, कन्या भोज, भंडारा, आदि करने में व्यस्त हैं। वहीं इधर महिलाएं जल ढहारने (जल चढ़ाने) जा रहीं हैं। यहाँ भी जिस सोशल डिस्टेंसिंग बनाये रखने के लिए की प्रधानमंत्री सहित शाषन, प्रशासन सहित कइयों बार अपील कर चुके हैं इस महामारी को बनाये रखना है तो लोगों से दूरी बनाए रखें, पब्लिक प्लेस में ना जाएं घरों में ही रहें ।
सरकार की एक न सुन ईश्वर में आस्था रखते हुए, लोक लॉक डाउन की धज्जियां उड़ा रहे हैं। ऐसा ही एक वाक्या दिल्ली की निज़ामुद्दीन मरकज का सामने आया था। जहां पर जमातियों  ने लॉक डायन का पालन न कर लोगों ने कोरोना वायरस फहला दिया था ? ऐसा कई मीडिया रिपोर्ट्स में छपा और बताया भी था।
जिस समय कोरोना का संकट इस दुनिया पर छाया हुया है। के वो समय है जब 1.किसान फसलों 2.मज़दूर कटाई 3.
व्यापारी धंधे 4.बच्चे परीक्षाओं में व्यस्त होते हैं।
फिर भी लोग (जान है तो जहान है) वाले कॉन्सेप्ट पर चल रहे हैं। लोग घरों में कैद हैं।

चीन के बुहान शहर से फैली यह महामारी भारत सहित दुनिया के तामम देशों में अपनी जड़ें जमा चुका है भारत में भी अब तक 28 राज्यों सहित केंद्र शाषित प्रदेशों में यह महामारी पैर पसार चुकी है।
चीन के बाद इटली, फ्रांस सहित अमेरिका जैसे विकसित देशों में इस Covid19 से चौबीस घण्टो में दस-दस हज़ारों मौतों का आंकड़ा पार कर चुका है।
अब भारत में लोग इस महामारी से अपने आप को कैसे सुरक्षित रख पाते हैं, सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार या फिर प्राचीन काल से चली आ रहीं परम्पराओं के अनुसार। @THEDUKENEWS


Friday, 10 April 2020

कोरोना वायरस से बचने के लिए विदिशा जिले की ग्राम पंचायत तिलोनी में मास्क पहनाकर लोगों को जागरूक किया। #COVID19INDIA #DUKENEWS

कोरोना वायरस से बचने के लिए विदिशा जिले की ग्राम पंचायत तिलोनी में सरपंच प्रतिनिधि द्वारा मास्क पहनाकर लोगों को जागरूक किया। #COVID19INDIA #DUKENEWS मध्यप्रदेश-
कोरोना वायरस दुनियाभर के 80 से ज्यादा देशों में फैल चुका है. 97, 000 से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं. वहीं 3200 से ज्यादा लोगों की इससे मौत हो चुकी है. भारत भी कोरोना वायरस से अछूता नहीं रहा. इससे बचाव के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकारों की तरफ से कई एडवाइजरी जारी हो रही हैं. मोदी सरकार के इस 21 दिन के इस लॉकडाउन में शहरों से लेकर गांव में तक घरों में कैद हैं। ऐसे में लोग खुद भी काफी जिम्मेदारी से काम ले रहे हैं.सैनिटाइजर और मास्क वगैरह की बिक्री भी ऐसे में बढ़ गई है. बहरहाल इस सबके बाद भी लोगों को जागरूक करने के लिए पंचायत स्तरों पर कई प्रकार की पाबंदियां लगाई गई हैं, दरअसल विदिशा जिले की ग्राम पंचायत तिलोनी में भी सरपंच चरण सिंह यादव के तत्वावधान में सरपंच प्रतिनिधि https://www.facebook.com/yashpal.yadav.560 (यशपाल यादव) ने गांव के लोगों को करना वायरस दे बच बचाव हेतु, मास्क वितरित कर जागरूक रहने कि सलाह दी।

Thursday, 19 March 2020

मध्यप्रदेश में फ्लोर टेस्ट की तारीख तय, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया आदेश | #DUKENEWS

MP Crisis: सुप्रीम कोर्ट का आदेश कल शाम 5 बजे तक बहुमत साबित करें, कांग्रेस और बीजेपी | DUKE NEWS

भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले कई दिनों से चल रही सियासी उठापटक के लिए 20 तारीख का दिन काफी अहम होने वाला है। प्रदेश की कमलनाथ सरकार को 20 मार्च को फ्लोर टेस्ट से गुजरना होगा। सुप्रीम कोर्ट में आदेश जारी कर कल शाम पांच बजे तक फ्लोर टेस्ट के करवाये जाने को कहा है अब देख दिलचस्प होगा आखिर सत्ता साथ किसका देगी।



Monday, 2 March 2020

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये ट्वीट उनके सोशल मीडिया फॉलोवर्स के लिए किसी धमाके से कम नही है. #DUKEBUNTY #DUKENEWS @thedukenews

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्विटर एकाउंट पर लिखा "सोच रहा हूं सोशल मीडिया छोड़ दूं"

#DUKEBUNTY #DUKENEWS @thedukenews

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये ट्वीट सोशल मीडिया के लिए किसी धमाके से कम नहीं था.
सोमवार को रात आठ बजकर 56 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया, उन्होंन लिखा "सोच रहा हूं कि फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स इस रविवार को छोड़ दूं."
ये बात तब सामने आई जब नरेंद्र मोदी दिल्ली में हुई हिंसा के बाद से ही सोशल मीडिया पर चौतरफा से घिरे हुए हैं। बता दें प्रधानमंत्री मोदी सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव रहते हैं और ऐंसे में ये ट्वीट लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है।
 दरअसल इस समय ट्विटर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्विटर हैंडल @narendramodi को 5 करोड़ 33 लाख से भी ज़्यादा लोग फ़ॉलो करते हैं. वहीं फ़ेसबुक एकाउंट को चार करोड़ 47 लाख से ज़्यादा लोग फ़ॉलो करते हैं जबकि उनके इंस्टाग्राम एकाउंट को तीन करोड़ 52 लाख लोग फॉलो करते हैं. पीएम मोदी की लोकप्रियता यूट्यूब पर भी कम नही है, चार करोड़ 51 लाख लोगों ने मोदी के यूट्यूब एकाउंट को सब्सक्राइव कर रखा है.
हालांकि उन्होंने अपने इस इरादे की कोई ख़ास वजह नहीं बताई है और न ही ये कहा है कि वो अपने सोशल मीडिया एकाउंट्स डिलीट करेंगे या डिएक्टिवेट (निष्क्रिय) या उनसे यूं ही दूरी बना लेंगे.
https://twitter.com/narendramodi/status/1234500451850018818?s=19
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं....
उनके ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं आनी शुरू हो गई हैं.
कांग्रेस नेता और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी के ट्वीट को कमेंट के साथ री-ट्वीट करते हुए लिखा है.
"नफ़रत छोड़िए, ना की सोशल मीडिया"
https://twitter.com/RahulGandhi/status/1234511012570624000?s=09
समाजवादी पार्टी के पूर्व मुख्यमंत्री व वर्तमान अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट किया है।
सामाजिक संवाद के रास्ते बंद करने की सोचना अच्छी नहीं है बात... छोड़ने के लिए और भी बहुत कुछ सार्थक है साहब... जैसे सत्ता का मोह-लगाव, विद्वेष की राजनीति का ख़्याल, मन-मर्ज़ी की बात, चुनिंदा मीडिया से करवाना मनचाहे सवाल और विश्व विहार... कृपया इन विचारणीय बिंदुओं पर भी करें विचार! @thedukenews
https://twitter.com/yadavakhilesh/status/1234523339575693321?s=19 @yadavakhilesh
बरिष्ठ पत्रकार व How Modi Won India किताब के लेखक राजदीप सरदेसाई ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ट्वीट पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने लिखा "पीएम ने ट्वीट किया है: शायद सोशल मीडिया छोड़ दूं. ट्विटर भी. मेरी सलाह: नरेंद्र मोदी जी मत छोड़िए, हमें आपको सुनना अच्छा लगता है. लेकिन कृपया उन लोगों को फ़ॉलो करना छोड़ दीजिए जो इस माध्यम का इस्तेमाल नफ़रत और फ़ेक न्यूज़ फैलाने के लिए करते हैं." @thedukenews
https://twitter.com/sardesairajdeep/status/1234513123387809792?s=19 @sardesairajdeep



Thursday, 20 February 2020

AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी कि मौजूदगी में लगे पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे। #BUNTYYADAV #DUKENEWS

एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी के सामने मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए।
नई दिल्ली-  बेंगलुरु में फ चल रहे आंदोलन में हंगामा शुरू हो गया इस दौरान ओवैसी मंच पर मौजूद थे इस बीच अमुल्य नाम की एक महिला ने माइक हाथ में लेकर जोर-जोर से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने लगे तभी मंच पर मौजूद ओवैसी ने उस महिला से नारे ना लगाने की अपील की इसके बाद भी वह महिला बंद होने का नाम नहीं ले रही थी तभी मंच पर मौजूद कुछ लोगों ने झुमर चपटी की और उस लड़की को और उस महिला को मंच से नीचे उतार दिया गया बहरहाल असदुद्दीन ओवैसी ने इस पूरे मामले पर मीडिया को सफाई देते हुए कहा कि हमारा पाकिस्तान से मतलब कोई मतलब नहीं है वहीं उन्होंने कहा पूरी लड़ाई भारत को बचाने के लिए है जो लोग पाकिस्तान के नाम नारे लगा रहे हैं हम उनको उनकी निंदा करते हैं इन मैडम से हमारा कोई ताल्लुक नहीं है हमारे लिए हिंदू हिंदुस्तान जिंदाबाद है जिंदाबाद रहेगा अगर वह मोहतरमा नहीं होती तो पता नहीं मैं क्या करता
https://twitter.com/ANI/status/1230515024227110912?s=09

Wednesday, 19 February 2020

भोपाल जंक्शन हादसा / घायलों में एक ही परिवार के 5 लोग, चश्मदीद बोला- "मेरे सामने ही मेरी शॉप मलबे में दब गई, ईश्वर का शुक्र है- जान बच गई" #bunty624106373.wordpress.com #DUKEBUNTY #DUKENEWS #BUNTYYADAV

भोपाल- भोपाल रेलवे स्टेशन पर गुरुवार 13 फरवरी को सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। प्लेटफार्म 2 और 3 पर रैंप का एक हिस्सा सुबह ढह गया था। जिसमें 8 लोग जख्मी हो गए थे।तिरुपति से चलकर हजरत निजामुद्दीन जाने वाले संपर्क क्रांति एक्सप्रेस बुधवार सुबह 9 बजकर 4 मिनट पर भोपाल जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर रुकी थी। भोपाल के आरिफ नगर, जेल रोड और अहीर मोहल्ला में रहने वाले लोग भी इस ट्रेन से उतरे थे। यह लोग आपस में एक दूसरे के रिश्तेदार हैं जो हैदराबाद से एक शादी समारोह करने के बाद भोपाल लौट रहे थे। इनमें से 5 लोग भोपाल स्टेशन पर रैंप गिरने से हादसे का शिकार हो गए थे। इस हादसे के चश्मदीद वेंडर अंशुमान सिंह भदौरिया ने बताया कि जब तक हम कुछ समझ पाते रैंप के आगे का हिस्सा टूट कर नीचे जा गिरा था। मेरी शॉप भी उसी रैंप के नीचे बनी हुई थी। अचानक सीमेंट के मलबे जैसा समान ऊपर से आ गिरा और इसके बाद धड़ा-धड़ की आवाज़ आते हुए कुछ बच्चे, महिलाएं भी उस मलवे के साथ नीचे आ गिरी थीं। हम उन्हें निकालने के लिए दौड़ पड़े जैसे-तैसें उन्हें निकाला इस बीच अमान उर्र रहमान नाम का एके शख़्स वहीं बेहोश हो गया था उसे एम्बुलेंस से हमीदिया के लिए रैफर कर दिया था। जिसके बाद से अब "मैं" मेरी शॉप को वहां से 10 मीटर दूर ले आया हूँ। मुझे ऐसा मालूम नही था 'मैं' हर दिन की, तरह अपने काम में लगा था, पर ऐसा पता थोड़ी था इतना बड़ा हादसा होने वाला है और न इस प्रकार कि कोई सूचना रेलवे की और से दी गई थी, ये रैंप खस्ताहाल है गिर सकता है। खेर छोड़िये "जान बची लाखों पाई"। वहीं वेंडर अजय सिंह राठौर बाहर था, उसे चोट लगी थी। उसे भी नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।