Thursday, 21 May 2020

BY- #DUKE || लक्ष्य भले ही पूरा हो गया हो फिर भी किसानों का पूरा गेहूं खरीदा जायेगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान

◆ इस साल मध्यप्रदेश में लक्ष्य से ज्यादा हुआ गेहूँ उपार्जन

◆ इस वर्ष 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन के निर्धारित लक्ष्य के स्थान पर अभी तक 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है।
◆ किसान धैर्य रखें उनका पूरा गेहूं सरकार खरीदेगी : सीएम शिवराज

BY- #DUKE || लक्ष्य भले ही पूरा हो गया हो फिर भी किसानों का पूरा गेहूं खरीदा जायेगा : मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान 
भोपाल :
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य पर लक्ष्य से ज्यादा गेहूं उपार्जन हो चुका है। इस वर्ष 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन के निर्धारित लक्ष्य के विरूद्ध अभी तक 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा चुका है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लक्ष्य भले ही पूरा हो गया हो परन्तु किसानों का पूरा गेहूं खरीदा जायेगा। किसानों को चिंता करने की कोई आवश्यकता नहीं है। आगे खरीदी की सभी व्यस्थाएं की जा रही हैं। किसान धैर्य रखें उनका पूरा गेहूं सरकार खरीदेगी।
साथ ही उन्होंने कहा 
अभी तक समर्थन मूल्य पर लगभग 13 लाख किसानों से ये गेहूं खरीदा गया है। खरीदे गये गेहूं का सुरक्षित भंडारण भी किया गया है। गेहूं खरीदी के विरूद्ध 10 लाख 32 हजार किसानों के खातों में 11 हजार 860 करोड़ रूपये की राशि ट्रांसफर की जा चुकी है। कोरोना संकट के होते हुए भी मध्यप्रदेश में गेहूं उपार्जन के लिए जो व्यवस्था की गई थी उसी का सुफल है कि लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदी की गई है। जितने किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन कराया है उनके गेहूं खरीदने की व्यवस्था की जायेगी। समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश आज देश के प्रमुख राज्य के रूप में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। 

गेहूं उपार्जन के साथ त्वरित गति से भंडारण पर भी विशेष ध्‍यान दिया गया है कि ताकि बरसात के पूर्व पूरे गेहूं का सुरक्षित भंडारण हो सके। गेहूं का उपार्जन जब कोरोना के कारण देर से प्रारंभ हुआ था तब ऐसी आशंका व्यक्त की गई थी की शायद उपार्जन का लक्ष्य ही पूरा न हो सके लेकिन मध्यप्रदेश सरकार की व्यवस्‍थाओं ने इन आशंकाओं निर्मूल साबित करते हुए लक्ष्य से अधिक गेहूं उपार्जन का रिकार्ड बनाया है।

Saturday, 16 May 2020

REPORT BY- #DUKE || 10वीं की बचीं परीक्षाएं नही लेगा एमपी बोर्ड, 12वीं की परीक्षाएं 8 जून से 16 जून 2020 के बीच होंगी।

REPORT BY- #DUKE जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा- देश की कानून व्यवस्था अमीर और ताकतवर लोगों के पक्ष में हो गई है। #DUKENEWS
एमपी सीएम शिवराज सिंह चौहान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये एमपी बोर्ड परीक्षाओं के बारे में बताते हुए

REPORT BY- #DUKE || 10वीं की बचीं परीक्षाएं नही लेगा एमपी बोर्ड, 12वीं की परीक्षाएं 8 जून से 16 जून 2020 के बीच होंगी।
1. मैरिट लिस्ट के आधार पर तैयार होगा 10वीं का रिजल्ट
2. ट्यूशन फीस के अलावा किसी प्रकार की फीस नही लेंगे विद्यालय

एमपी/भोपाल:
                 माध्यमिक शिक्षा मंडल मध्यप्रदेश ने 10वीं और 12वीं की बचीं परीक्षाओं लेकर बड़ा बदलाव किया है। इस साल कोरोना महामारी के 25 अप्रैल से लॉकडाउन चल रहा है इस कारण हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी स्कूल के बच्चों की बची परीक्षाएं नही हो पाईं हैं। परीक्षाओं को लेकर शनिवार रात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये बड़ा एलान किया है। सीएम ने कहा है, 10वीं की जो शेष परीक्षाएं बचीं हैं वो साल माध्यमिक शिक्षा मंडल उन परीक्षाओं को नही कराएगा। कक्षा 10 के जो पेपर हो गए हैं उनके आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार कर उन विषयों के आगे पास लिखा जाएगा। इस आधार पर 10वीं का रिजल्ट तैयार होगा।
साथ ही 12वीं कक्षा के जो पेपर बचे हैं उनकी परीक्षाएं 8 जून से 16 जून के बीच कराई जाएंगी।
           ||विद्यालय केबल ट्यूशन फीस ले सकेंगे|| 
इसके बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा- 15 अप्रैल से लॉकडाउन शुरू हुआ है, जब तक चलेगा तब तक के बीच में सभी विद्यालय केबल ट्यूशन फीस ले सकेंगे, इसके अलावा कोई विद्यालय विद्यार्थियों से किसी प्रकार की फीस नही लेंगे, चाहे वो बस किराया हो, लाइब्रेरी फीस हो या फिर अन्य किसी प्रकार की कोई फीस स्कूल नही लेंगे। 

Thursday, 7 May 2020

REPORT BY- #DUKE जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा- देश की कानून व्यवस्था अमीर और ताकतवर लोगों के पक्ष में हो गई है।

REPORT BY- #DUKE जस्टिस दीपक गुप्ता ने कहा- देश की कानून व्यवस्था अमीर और ताकतवर लोगों के पक्ष में हो गई है। #DUKENEWS
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जस्टिस दीपक गुप्ता त्रिपुरा हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस बने थे। 2017 में सुप्रीम कोर्ट के जज भी रह चुके हैं।

1. देश के इतिहास में यह पहली बार था जब किसी जज को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये फेयरवेल दिया गया।

DUKE NEWS
REPORT BY- #DUKE
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस दीपक गुप्ता आज यानी कि बुधवार को रिटायर हो गए हैं। रिटायर होने से पहले उन्हें विडियो कॉफ्रेसिंग के जरिये फेयरवेल दिया गया ये देश के इतिहास में पहली बार हुआ जब किसी जज को ओस तरह फेयरवेल दिया गया है।
जस्टिस गुप्ता ने अपने संबोधन के दौरान न्याय व्यवस्था पर सवाल उठाए। इस बीच उन्होने कहा की देश का लीगल सिस्टम अमीरों और ताकतवर लोगों के पक्ष में हो गया है। जज ऑस्ट्रिच की तरह अपना सिर नही झुका सकते, उन्हें ज्यूडिशियरी की दिक्कतें समझकर इनसे निपटना चाहिए।

साथ ही उन्होंने कहा " कोई अमीर व्यक्ति सलाखों के पीछे होता है तो कानून अपना काम तेजी से करता है अमीर जमानत पर होता है तो मुकदमे में देरी चाहता है। लेकिन गरीबों के मुकदमों में देरी होती है।
अमीर लोग तो जल्द सुनवाई के लिए उच्च अदालतों की शरण में जा पहुंचते हैं लेकिन, गरीब ऐसा नही कर पाते।
दूसरी ओर कोई अमीर जमानत पर है तो वह जमानत पर है तो वह मुकदमे में देरी करवाने के लिए भी वह उच्च अदालतों में जाने का खर्चा उठा सकता है लेकिन, गरीब नही उठा सकता है।

न्यायपालिकायों को खुद ही अपना ईमान बचाना चाहिए।

इसके बाद दीपक गुप्ता ने कहा कि "न्यायपालिकायों को खुद ही अपना ईमान बचाना चाहिए। देश के लोगों को ज्यूडिशियरी में बहुत भरोसा है। मैं देखता हूँ की, वकील कानून की बजाय राजनीति और सिचारधारा के आधार पर बहस करते हैं। ऐसा नही होना चाहिए।ख़ासकर ऐंसे संकट के उसमें मेरे और आपके संवैधानिक अधिकारों का उलंघन नही होगा। लेकिन, गरीबों के साथ ऐसा हमेशा होता रहता है। उन लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती इस लिए उन्हें नतीजा भुगताना पड़ता है।
अगर उनकी आवाज कोई उठाता है तो अदालतों को जरूर सुनना चाहिए। उनके लिए जो किया जा सके करना चाहिए।"

जस्टिस दीपक गुप्ता त्रिपुरा हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस बने थे

त्रिपुरा हाइकोर्ट के चीफ जस्टिस होने से पहले दीपक गुप्ता हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के जज भी रह चुके हैं और त्रिपुरा हाईकोर्ट के पहले चीफ जस्टिस भी। इसके साथ ही 2017 में हाईकोर्ट के जज बने थे। 

Tuesday, 5 May 2020

ABP News का बड़ा खुलासा, Haryana के Sonipat में सामने आया शराब घोटाला

नर्मदा बाढ़ प्रभावित लोग, चौथे दिन भी अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। @buntyya50250819

 ABP News ने हरियाणा में एक शराब घोटाले का पर्दाफाश किया है. सोनीपत में कई करोड़ की शराब lockdown के दौरान गोदाम से गायब हो गयी है. आपको याद होगा कि इससे पहले हरियाणा में ही lockdown के दौरान शराब बेचने का मामला सामने आया था जिसे फिर बाद में बंद करवाया गया था.Check out ABP News (@ABPNews): https://twitter.com/ABPNews?s=09

लॉकडाउन फेज-3 / दिल्ली में आज से शराब पर 70% अतिरिक्त टैक्स वसूला जाएगा, केजरीवाल सरकार ने इसे स्पेशल कोरोना फीस बताया


तस्वीर दिल्ली की है। सोमवार को यहां शराब खरीदने के लिए भीड़ उमड़ी। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी 

  • लॉकडाउन के तीसरे फेज में शर्तों के साथ देशभर में शराब बिक्री की छूट दी गई है
  • शराब दुकानों पर लॉकडाउन की उड़ी धज्जियां, दो किलोमीटर तक लंबी लाइन लगी

दैनिक भास्कर

  • May 05, 2020, 01:41 AM IST

    नई दिल्ली. दिल्ली में सोमवार से शराब दुकानें खुलीं तो हजारों की संख्या में लोगों की कतारें लग गईं। कुछ जगहों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ा रही भीड़ को तितर-बितर किया। अब कोरोना संकट के बीच केजरीवाल सरकार मंगलवार से शराब पर 70% अतिरिक्त टैक्स वसूलेगी। इसके आदेश देर रात जारी किए गए। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इस टैक्स को स्पेशल कोरोना फीस नाम दिया है। आदेश में कहा गया है कि पुलिस सुबह 9 बजे से शाम 6.30 बजे तक दुकानें खुलवाए।

    लॉकडाउन के तीसरे फेज में ऑरेंज और ग्रीन जोन में शराब की दुकानें खोलने की इजाजत दी गई, लेकिन इन दुकानों पर लॉकडाउन की धज्जियां उड़ीं। लोग सोमवार सुबह 5 बजे से ही लाइनों में लग गए। कई दुकानों के बाहर दो किलोमीटर लंबी लाइनें लग गईं। शराब के लिए लोग सोशल डिस्टेंसिंग को भूल गए। कर्नाटक में तो दुकानें खुलने से पहले नारियल-अगरबत्ती चढ़ाकर पूजा करते नजर आए। दिल्ली के अलावा आंध्रप्रदेश के चित्तूर में पुलिस को सख्ती करनी पड़ी।